
प्रकाशन तिथि: 3 अक्टूबर 2025
लेखक: Gulshan Maurya | अंतरराष्ट्रीय मामलों के संपादक
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📍 मुख्य बिंदु
- PoK में लगातार छठे दिन विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
- भारत ने पाकिस्तानी बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई “भयानक क्रूरता” की निंदा की।
- भारत ने इसे पाकिस्तान की दमनकारी शासन प्रणाली और संसाधनों की लूट का परिणाम बताया।
- अब तक 10 लोगों की मौत और कई घायल होने की खबरें हैं।
- मुज़फ़्फराबाद में जनजीवन पूरी तरह ठप रहा।
🗣️ भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा:
“हम मानते हैं कि यह पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों और संसाधनों की व्यवस्थित लूट का स्वाभाविक परिणाम है। पाकिस्तान को इन भयानक मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
भारत ने स्पष्ट किया कि वह PoK को पाकिस्तान के अवैध कब्जे में मानता है और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाता रहेगा।
📢 प्रदर्शनकारियों की मांगें
जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने 38 सूत्रीय मांगपत्र जारी किया जिसमें शामिल हैं:
- गेहूं के आटे पर सब्सिडी
- बिजली दरों में कटौती
- मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं
- सरकारी अधिकारियों के विशेषाधिकारों की समाप्ति
- राजनीतिक सुधार और पारदर्शिता
📸 स्थिति की गंभीरता
- मुज़फ़्फराबाद में दुकानें, बाजार और परिवहन सेवाएं बंद रहीं।
- स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी बलों द्वारा निर्दोष नागरिकों पर हिंसा की गई।
- प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए बल प्रयोग की चेतावनी दी गई है।
स्रोत: Times of India
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