
🚆 ट्रेन से मिसाइल दागी गई! भारत ने किया अग्नि-प्राइम का ऐतिहासिक परीक्षण
प्रकाशन तिथि: 25 सितंबर 2025 | लेखक: Gulshan Maurya
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भारत ने रचा इतिहास: ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण
गुरुवार को भारत ने अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया, लेकिन इस बार लॉन्च पैड कोई पारंपरिक स्थल नहीं था—यह मिसाइल एक चलती ट्रेन से दागी गई। यह पहली बार है जब भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से मिसाइल परीक्षण किया है, जिससे देश अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो इस तकनीक में सक्षम हैं।
क्या है अग्नि-प्राइम मिसाइल?
अग्नि-प्राइम एक दो-चरणीय, ठोस ईंधन से चलने वाली इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और इसे कैनिस्टर में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
ट्रेन से लॉन्च क्यों है खास?
- मोबिलिटी: भारत के 70,000 किमी लंबे रेलवे नेटवर्क के कारण मिसाइल को देश के किसी भी कोने में तैनात किया जा सकता है।
- गोपनीयता: रेलवे टनल्स में मिसाइल को छिपाया जा सकता है, जिससे दुश्मन की सैटेलाइट निगरानी से बचा जा सके।
- लागत: सबमरीन आधारित लॉन्च सिस्टम की तुलना में रेल-आधारित सिस्टम सस्ता और स्केलेबल है।
- सेकंड स्ट्राइक क्षमता: भारत की “नो फर्स्ट यूज़” नीति के तहत यह तकनीक परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है।
रक्षा मंत्री का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस परीक्षण को “पहली बार की उपलब्धि” बताते हुए DRDO और स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह परीक्षण भारत को उन देशों की श्रेणी में लाता है जो चलते-फिरते रेल नेटवर्क से मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता रखते हैं।”






