बिहार में नई सरकार का गठन: नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली शपथ — दो उपमुख्यमंत्री, 26 मंत्रियों की टीम और आने वाले बदलावों की पूरी कहानी
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पटना, 20 नवंबर 2025: बिहार की राजनीति में आज एक बार फिर इतिहास रचा गया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर यह साबित कर दिया कि उनकी पकड़ अब भी बिहार की राजनीति पर बेहद मजबूत है। यह मौका इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद संभाला। इस मौके पर पटनावासियों में उत्साह भी था और आने वाले दिनों को लेकर उम्मीदें भी।
गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह बेहद सख्त सुरक्षा इंतज़ाम और बड़े पैमाने पर की गई तैयारियों के साथ पूरा किया गया। मैदान में हजारों की संख्या में लोग आए, जबकि राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने समारोह को और अधिक भव्य बना दिया।
नीतीश कुमार का एक बार फिर सत्ता में लौटना: राजनीति की समझदारी का नतीजा
नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर बिहार की राजनीति में अद्वितीय माना जाता है। कई बार गठबंधन बदलने, राजनीतिक उतार-चढ़ाव और नए समीकरणों के बावजूद उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री पद संभालकर यह साबित किया कि उनके पास अब भी अपार जनसमर्थन और मजबूत राजनीतिक रणनीति मौजूद है।
उनकी वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार इन दिनों आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में जनता और राजनीतिक विशेषज्ञों की नज़रें इस बात पर होंगी कि क्या नीतीश कुमार अपने पिछले अनुभव और मजबूत नेतृत्व से इन चुनौतियों का समाधान निकाल पाएंगे।
दो उपमुख्यमंत्री: बिहार की सत्ता संरचना में नया संतुलन
इस बार एनडीए सरकार ने सत्ता संतुलन को बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए हैं:
- सम्राट चौधरी
BJP के सीनियर नेता और ऑर्गनाइज़ेशन के हिसाब से बहुत मज़बूत माने जाने वाले सम्राट चौधरी को डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर की अहम ज़िम्मेदारी दी गई है। सम्राट चौधरी में ऑर्गनाइज़ेशन को मज़बूत करने की काबिलियत है और उन्हें बिहार के कई इलाकों में पॉपुलर नेता माना जाता है। उन्हें यह पोस्ट देकर BJP ने यह मैसेज दिया है कि पार्टी सरकार में अपनी मज़बूत भूमिका बनाए रखना चाहती है।
- विजय कुमार सिन्हा
दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और अपने बोलने के अंदाज़ व प्रशासनिक समझ के लिए जाने जाते हैं। राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके सिन्हा का अनुभव सरकार के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
दो उपमुख्यमंत्री बनने के बाद माना जा रहा है कि बिहार में प्रशासनिक फैसलों में अधिक तेजी आएगी और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
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बिहार में नई सरकार 26 मंत्रियों का विस्तृत और संतुलित मंत्रिमंडल
नई NDA सरकार ने अपने कैबिनेट में 26 मंत्री बनाए हैं। इन मंत्रियों को जेडीयू, बीजेपी और दूसरे सहयोगी दलों ने संतुलित प्रतिनिधित्व दिया है। कैबिनेट में अनुभवी चेहरों के साथ कुछ नए नेता भी शामिल हैं, ताकि सरकार में नई एनर्जी और नए आइडिया आ सकें।
इस मंत्रिमंडल की खास बातें:
क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया — मगध, मिथिला, चंपारण, सीमांचल और भोजपुर क्षेत्रों के सभी लोगों को मंत्री बनाया गया।
सरकार के फैसलों में जातिगत संतुलन भी देखा गया।
युवा नेताओं को भी मौके दिए गए हैं ताकि सरकार में नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़े।
स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विभाग अनुभवी मंत्रियों को दिए गए।
आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह: राजनीतिक रंग, भीड़ और कड़े सुरक्षा इंतज़ाम
गांधी मैदान में हुआ शपथ ग्रहण समारोह बहुत बड़ा था। मैदान में हज़ारों लोग मौजूद थे। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे—ड्रोन से निगरानी, बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, और पूरे मैदान पर बैरिकेडिंग की गई थी।
इसमें कई केंद्रीय मंत्री, राज्य के बड़े नेता, जेडीयू और बीजेपी के बड़े नेता, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
शपथ लेने के बाद समारोह के दौरान, नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार “विकास को तेज़ करने” और “लोगों की समस्याओं को हल करने” पर ध्यान देगी।
नई सरकार के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियाँ
बिहार की नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं। जनता और एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले पाँच साल सरकार के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
मुख्य चुनौतियाँ:
- बेरोज़गारी
बिहार देश के सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी दर वाले राज्यों में से एक है। युवाओं के लिए रोज़गार के काफ़ी मौके नहीं हैं। सरकार को इंडस्ट्री, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर और काम करना होगा।
- कानून-व्यवस्था
बिहार में लॉ एंड ऑर्डर लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। क्राइम रेट कम करना और पुलिस सुधार इस सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
- शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली
बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में सुधार की बहुत ज़रूरत है। फंडिंग बढ़ाना, नई भर्तियां करना और सुविधाओं में सुधार करना ज़रूरी होगा।
- निवेश आकर्षित करना
बिहार में बड़ी इंडस्ट्री और कंपनियों की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या है। सरकार को राज्य में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे।
- बुनियादी ढाँचे का विकास
कई इलाकों में ग्रामीण सड़कें, बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधाएं अभी भी कमजोर हैं। सरकार को इन पर जोर देना चाहिए।
जनता की उम्मीदें और सरकार की प्राथमिकताएँ
नई NDA सरकार से जनता को बहुत उम्मीदें हैं। नीतीश कुमार का लीडरशिप अनुभव और BJP के संगठन की ताकत, दोनों मिलकर आने वाले सालों में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
बिहार में नई सरकार की प्राथमिकताएँ होंगी:
नए रोजगार के अवसर बताएं
उद्योग और निवेश बढ़ाना
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
किसानों की आय बढ़ाना
सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना
नीतीश कुमार ने शपथ लेने के बाद एक बार फिर जनता को उन्होंने आश्वासन दिया कि वह बिहार को आगे ले जाएंगे। ”कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”
बिहार में नई सरकार FAQs
1. बिहार में नई सरकार 2025 का गठन कब हुआ?
20 नवंबर 2025 को बिहार में नई एनडीए सरकार का गठन हुआ और नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
2. इस बार बिहार में कितने उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं?
इस बार दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं — सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा।
3. नई सरकार में कुल कितने मंत्रियों को शामिल किया गया है?
नई एनडीए सरकार में 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसमें जेडीयू, बीजेपी और अन्य सहयोगी दलों का संतुलित प्रतिनिधित्व है।
4. नीतीश कुमार के दोबारा सत्ता में लौटने का क्या महत्व है?
नीतीश कुमार की 10वीं बार वापसी से यह साबित होता है कि बिहार की राजनीति में उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है और जनता का भरोसा उन पर कायम है।
5. नई सरकार के सामने मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?
सरकार के सामने बेरोज़गारी, कानून-व्यवस्था, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार, निवेश बढ़ाना और बुनियादी ढाँचे का विकास जैसी बड़ी चुनौतियाँ हैं।
6. शपथ ग्रहण समारोह कहाँ आयोजित किया गया था?
शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में बड़े पैमाने पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के साथ आयोजित हुआ।
7. क्या इस सरकार में क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया है?
हाँ, मंत्रिमंडल में मगध, मिथिला, चंपारण, सीमांचल और भोजपुर सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों से नेताओं को शामिल किया गया है।
8. नई सरकार युवाओं के लिए क्या कर सकती है?
सरकार रोजगार बढ़ाने, स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने, स्किल डेवलपमेंट और औद्योगिक निवेश पर फोकस कर सकती है।
9. क्या आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार की संभावना है?
हाँ, संकेत मिले हैं कि आने वाले महीनों में कैबिनेट विस्तार हो सकता है।
10. जनता की नई सरकार से क्या उम्मीदें हैं?
जनता रोजगार, बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य, मजबूत कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद कर रही है।
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