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Introduction
क्या आपने कभी सोचा है कि एक 21 साल के लड़के को कोई कंपनी ₹2.5 करोड़ (2.5 Cr) सालाना का पैकेज क्यों देगी? हाल ही में IIT Hyderabad के छात्र एडवर्ड नाथन वर्गीस ने यह इतिहास रचा है। उन्हें यह ड्रीम ऑफर दिया है नीदरलैंड की कंपनी Optiver ने। लेकिन यह कंपनी Google या Microsoft की तरह आम नहीं है। यह एक ‘Market Maker’ है। आखिर यह कंपनी करती क्या है? यह पैसा कैसे कमाती है? और इनका इंटरव्यू इतना कठिन क्यों होता है कि 99% लोग पहले राउंड में ही बाहर हो जाते हैं? आज हम इस रहस्यमयी दुनिया की गहराई में जाएंगे।
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Optiver आखिर है क्या? (Deep Dive: Business Model)
Optiver कोई सामान्य शेयर ब्रोकर (जैसे Zerodha/Upstox) नहीं है। यह एक HFT (High Frequency Trading) और Market Maker फर्म है।
Market Maker क्या होता है? (आसान भाषा में):
मान लीजिए आप बाजार में आलू खरीदने गए। वहां एक थोक विक्रेता (Wholesaler) है जो किसान से ₹10 में आलू लेता है और आपको ₹10.50 में बेचता है। बीच का 50 पैसे उसका मुनाफा है। Optiver शेयर बाजार का वही ‘थोक विक्रेता’ है।
- यह हर सेकंड हजारों शेयर खरीदने (Bid) और बेचने (Ask) का आर्डर लगाती है।
- खरीद और बिक्री के रेट में बहुत मामूली अंतर (जैसे 1 पैसा) होता है।
- लेकिन चूंकि ये कंप्यूटर एक दिन में लाखों ट्रेड करते हैं, तो वो 1 पैसा जुड़कर अरबों रुपये बन जाता है।
- Secret: ये अपना पैसा (Proprietary Trading) लगाते हैं, किसी क्लाइंट का नहीं।
सैलरी इतनी ज्यादा क्यों?
Optiver के पास कोई प्रोडक्ट नहीं है जिसे वो ग्राहकों को बेचे। उनका प्रोडक्ट है— ‘Speed’ (रफ़्तार) और ‘Maths’ (गणित)।
- अगर उनका कोड (Code) किसी और कंपनी से 1 नैनो-सेकंड (आंख झपकने से भी तेज) धीमा हुआ, तो वे डील हार जाएंगे।
- इसलिए उन्हें दुनिया के सबसे तेज दिमाग वाले कोडर्स और गणितज्ञ चाहिए।
- एक सही एल्गोरिदम कंपनी को एक दिन में ₹100 करोड़ कमाकर दे सकता है, इसलिए वे इंजीनियर को ₹2.5 करोड़ देने में संकोच नहीं करते।
इंटरव्यू प्रोसेस: The Famous “80 in 8” Test
Optiver में नौकरी पाना IIT-JEE क्रैक करने से भी मुश्किल माना जाता है। इनका सबसे मशहूर टेस्ट है:
1. The ’80 in 8′ Test:
- आपको 8 मिनट में 80 गणित के सवाल हल करने होते हैं।
- शर्त: पेन-पेपर अलाउड नहीं है। सब दिमाग में करना है।
- नेगेटिव मार्किंग: गलती करने पर नंबर कटेंगे।
- उदाहरण:
0.04 * 0.05 = ?या7/12 - 3/15 = ? - अगर आप इसमें फेल हुए, तो इंटरव्यू वहीं खत्म।
2. System Design & Coding: इसके बाद C++ और Low Latency System Design के राउंड होते हैं, जहाँ आपसे पूछा जाता है कि ‘कंप्यूटर के तार में करंट कितनी देर में पहुंचेगा?'”
Tech Stack (For Engineers)
- Languages: C++ (Primary), Python,
- Hardware: FPGAs (Field Programmable Gate Arrays) – ये चिप्स को खुद प्रोग्राम करते हैं ताकि रफ़्तार मिल सके।
- Network: ये स्टॉक एक्सचेंज के सर्वर के बिल्कुल पास (Colocation) अपना ऑफिस बनाते हैं ताकि तार की लंबाई कम से कम हो।
निष्कर्ष (Conclusion)
Optiver में नौकरी सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है, यह दुनिया के सबसे कॉम्पिटिटिव माहौल में काम करने का मौका है। अगर आपका Maths तेज है और आप दबाव (Pressure) झेल सकते हैं, तो यह करियर आपके लिए है। IIT हैदराबाद के छात्र ने साबित कर दिया है कि टैलेंट की कीमत करोड़ों में हो सकती है।
Q1: Optiver फ्रेशर्स को कितनी सैलरी देती है?
भारत में अंतरराष्ट्रीय पोस्टिंग (जैसे एम्स्टर्डम या लंदन) के लिए पैकेज ₹1.5 करोड़ से ₹2.5 करोड़ तक हो सकता है। घरेलू (India Office) के लिए यह ₹40-60 लाख के आसपास होता है।
Q2: ’80 in 8′ टेस्ट क्या है?
यह Optiver का एक न्यूमेरिकल टेस्ट है जिसमें कैंडिडेट को 8 मिनट के अंदर 80 गणितीय सवालों (जोड़, घटाव, गुणा, भाग, दशमलव) का सही जवाब देना होता है। यह स्पीड और एक्यूरेसी चेक करता है।
Q3: क्या Optiver में काम करने के लिए IITian होना जरूरी है?
यह सच है कि वे ज्यादातर IITs/BITS से हायर करते हैं, लेकिन अगर आपकी कोडिंग और गणित असाधारण है, तो आप ऑफ-कैंपस भी अप्लाई कर सकते हैं।









