
📅 22 सितंबर 2025 | पटना — हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए Strategic Mutual Defence Agreement ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस समझौते में कहा गया है कि “किसी एक देश पर हमला, दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।” 🛡️
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🎯 भारत की प्रतिक्रिया: संयमित लेकिन स्पष्ट
- 🇮🇳 भारत ने सऊदी अरब से आपसी हितों और संवेदनशीलताओं का सम्मान करने की अपील की है।
- 🛡️ विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
- 🤝 MEA प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने भारत-सऊदी संबंधों को गहरी रणनीतिक साझेदारी बताया है।
🧭 पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते की पृष्ठभूमि
यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुआ। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री भी शामिल थे।
⚠️ पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि वह सऊदी अरब को परमाणु सुरक्षा छतरी प्रदान कर सकता है, जिससे भारत की चिंता बढ़ी है।
📊 भारत-सऊदी बनाम पाकिस्तान-सऊदी संबंध
| 🔍 पहलू | 🇮🇳 भारत-सऊदी अरब | 🇵🇰 पाकिस्तान-सऊदी अरब |
|---|---|---|
| 💰 व्यापार | ₹3.5 लाख करोड़+ | ₹25–30 हजार करोड़ |
| 🔗 रणनीतिक साझेदारी | ऊर्जा, तकनीक, निवेश | रक्षा सहयोग, धार्मिक संबंध |
| 🗣️ राजनयिक संवाद | उच्च स्तरीय दौरे | सैन्य सहयोग |
📝 निष्कर्ष
भारत ने सऊदी अरब को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। यह संदेश न केवल रणनीतिक है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। 🌍
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