
लेखक : गुलशन मौर्या । कैटेगरी: अंतराष्ट्रीय संबंध
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📍 पासनी पोर्ट की पेशकश से अरब सागर में अमेरिकी पहुँच
पाकिस्तान ने पासनी पोर्ट को अमेरिका को देने का प्रस्ताव हाल ही में रखा है।
यह पोर्ट अमेरिका द्वारा बनाया और संचालित किया जाएगा, जिससे उसे पूर्ण नियंत्रण मिल सकता है।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिकी निवेश को आकर्षित करना और आर्थिक संकट से राहत पाना बताया गया है।
🧳 दुर्लभ खनिजों की पेशकश: पाकिस्तान की नई रणनीति
आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप को दुर्लभ खनिजों से भरा ब्रीफ़केस दिखाया था।
इन खनिजों की मदद से पाकिस्तान अमेरिका को निवेश के लिए लुभाना चाहता है।
ब्लूप्रिंट के अनुसार, पोर्ट टर्मिनल इन खनिजों तक पहुँच का जरिया बनेगा।
🌊 चाबहार के पास अमेरिकी मौजूदगी: ईरान पर दबाव?
पासनी पोर्ट ईरान के चाबहार पोर्ट के बेहद करीब स्थित है।
इससे अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।
भविष्य में यह यूएस की कार्रवाई के लिए एक अहम आधार बन सकता है।
🚧 CPEC की विफलता: पाकिस्तान की उम्मीदें टूटीं
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अब पाकिस्तान के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है।
अब पाकिस्तानी मीडिया भी इसे “ओवरहाइप” मान रही है
🏭 कंपनियों का पलायन: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट में
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि बड़ी कंपनियाँ वहाँ से निकल रही हैं।
2025 में P&G के ब्रांड Gillette ने पाकिस्तान में अपने ऑपरेशन बंद कर दिए।
यह संकेत है कि विदेशी निवेशक अब भरोसा नहीं कर रहे हैं।
इस बारे में और भी जानकारी पढ़ सकते है ।
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