
लेखक : गुलशन मौर्या । कैटेगरी: फाइनेंशियल
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RBI का नया सुरक्षा ढांचा अप्रैल 2026 से लागू
भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 से एक नया प्रमाणीकरण फ्रेमवर्क लागू करने का निर्णय लिया है।
🎯 उद्देश्य: धोखाधड़ी रोकना और वैश्विक सुरक्षा मानकों से मेल
इस पहल का उद्देश्य न केवल धोखाधड़ी को रोकना है, बल्कि भारत को वैश्विक सुरक्षा मानकों से जोड़ना भी है।
📩 SMS OTP की सीमाएँ और जोखिम
हालांकि अभी SMS OTP डिजिटल भुगतान की रीढ़ है, लेकिन इसके साथ कई सुरक्षा जोखिम जुड़े हुए हैं।
⚠️ एकल चैनल प्रमाणीकरण अब पर्याप्त नहीं
इसी वजह से, केवल एक चैनल पर आधारित प्रमाणीकरण अब डिजिटल सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता।
🛡️ दो स्वतंत्र प्रमाणीकरण कारक होंगे अनिवार्य
इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, RBI ने दो स्वतंत्र प्रमाणीकरण कारकों को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
🔄 एक प्रमाणीकरण कारक होगा गतिशील और अद्वितीय
इसके अलावा, इन दो में से कम से कम एक प्रमाणीकरण तत्व हर बार नया और बदलने वाला होना चाहिए।
🧠 समथिंग यू नो: पासवर्ड या पिन आधारित सुरक्षा
इस संदर्भ में, पहला विकल्प है ‘समथिंग यू नो’ — जैसे पासवर्ड या पिन, जो ज्ञान आधारित होते हैं।
📱 समथिंग यू हैव: टोकन या स्मार्ट कार्ड आधारित
वहीं, ऐप टोकन, स्मार्ट कार्ड और हार्डवेयर टोकन ‘यू हैव’ श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
👁️ समथिंग यू आर: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
जबकि फिंगरप्रिंट, फेस आईडी और आइरिस स्कैन ‘यू आर’ श्रेणी में आते हैं और व्यक्ति की पहचान पर आधारित हैं।
💸 छोटे मूल्य के लेनदेन को मिल सकती है छूट
हालांकि यह नियम उच्च-मूल्य भुगतान के लिए है, लेकिन छोटे लेनदेन को इससे छूट दी जा सकती है।
🏦 बैंक की जवाबदेही तय होगी फ्रॉड में
इससे भी अहम बात यह है कि यदि बैंक नियमों का पालन नहीं करता, तो फ्रॉड की भरपाई उसे करनी होगी।
🔄 उपभोक्ताओं को मिलेंगे सुरक्षा के विकल्प
इस बदलाव से उपभोक्ताओं को प्रमाणीकरण के अधिक विकल्प मिलेंगे, जिससे उनका नियंत्रण और सुरक्षा बढ़ेगी।
🚫 फ्रॉड की घटनाएं होंगी कम
नतीजतन, दो-कारक प्रमाणीकरण से डिजिटल धोखाधड़ी की घटनाएं काफी हद तक कम हो जाएंगी।
🤝 डिजिटल भुगतान में बढ़ेगा विश्वास
जब सुरक्षा मजबूत होगी, तो उपभोक्ताओं का भरोसा डिजिटल भुगतान प्रणाली में और अधिक गहरा होगा।
🧰 बैंकों को तकनीकी ढांचा अपग्रेड करना होगा
अंततः, बैंकों को इस नए फ्रेमवर्क के अनुरूप अपना तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करना अनिवार्य होगा।







