
Contents of Iran Protests 2026
परिचय
मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर सुलग उठा है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में हालात बेकाबू हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने देश में इंटरनेट ब्लैकआउट (Total Internet Blackout) कर दिया है ताकि दुनिया को वहां की तस्वीरें न दिखें। सड़कों पर एक तरफ प्रदर्शनकारी हैं तो दूसरी तरफ सरकार समर्थित रैलियां (Dueling Rallies)। क्या ईरान में गृहयुद्ध (Civil War) Iran Protests 2026:शुरू हो चुका है? आइए जानते हैं वहां के ताजा हालात।
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अभी वहां क्या हो रहा है? (Ground Reality)
ब्लैकआउट: “NetBlocks की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया पूरी तरह ठप है।”
टकराव: “सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी महंगाई और सख्त नियमों के खिलाफ सड़कों पर हैं, वहीं सरकार ने अपने समर्थकों को भी सड़कों पर उतार दिया है। दोनों गुटों में हिंसक झड़पें हो रही हैं।”
सेना की तैनाती: “प्रमुख चौराहों पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) तैनात कर दिए गए हैं।”
Iran Protests से भारत पर इसका क्या असर होगा?
ईरान में अशांति का सीधा मतलब है— कच्चे तेल (Crude Oil) का महंगा होना।
- पेट्रोल-डीजल: अगर यह संकट बढ़ा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम उछलेंगे, जिससे भारत में पेट्रोल महंगा हो सकता है।
- निर्यात: भारत का चाय और चावल निर्यात प्रभावित हो सकता है।
- सुरक्षा: खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
Iran Protests से दुनिया भर में हड़कंप
अमेरिका और पश्चिमी देश इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। क्या यह संघर्ष किसी बड़े युद्ध (World War 3 आहट) में बदल सकता है? इजराइल और सऊदी अरब भी अलर्ट मोड पर हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगले 24 घंटे ईरान के लिए बहुत भारी हैं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो इसका खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
FAQ: Iran Protests & Crisis 2026
Q1: ईरान में अचानक विरोध प्रदर्शन (Protests) क्यों हो रहे हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में बढ़ती महंगाई, गिरती अर्थव्यवस्था और सख्त सामाजिक नियमों को लेकर जनता में भारी गुस्सा है। इसके अलावा, हाल ही में हुए कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों ने आग में घी का काम किया है, जिससे लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
Q2: ‘Dueling Rallies’ (द्वंद्व रैलियां) का क्या मतलब है?
इसका मतलब है “आमने-सामने का प्रदर्शन”। ईरान में एक तरफ सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी रैलियां निकाल रहे हैं, तो ठीक उसी समय सरकार ने अपने समर्थकों को भी सड़कों पर उतार दिया है। इससे दोनों गुटों के बीच सीधे टकराव और गृहयुद्ध (Civil War) जैसे हालात बनने का खतरा पैदा हो गया है।
Q3: क्या ईरान संकट से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?
जी हाँ, इसकी पूरी संभावना है। ईरान और मध्य-पूर्व (Middle East) कच्चे तेल के बड़े उत्पादक हैं। अगर वहां अशांति फैली और सप्लाई चेन टूटी, तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम बढ़ेंगे, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।
Q4: क्या ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद (Blackout) कर दिया गया है?
नेटब्लॉक्स (NetBlocks) और अन्य निगरानी संस्थाओं के मुताबिक, ईरान के कई प्रमुख शहरों में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया गया है ताकि प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो दुनिया के सामने न आ सकें।
Q5: क्या वहां रह रहे भारतीयों को कोई खतरा है?
फिलहाल भारतीय दूतावास (Indian Embassy) स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अशांत क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। विदेश मंत्रालय (MEA) जल्द ही एडवाइजरी जारी कर सकता है।







