
भारत सरकार ने 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 3 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए छात्रों को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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AI शिक्षा का राष्ट्रीय विस्तार
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि CBSE सभी कक्षाओं के लिए AI फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है।
देशभर में एक करोड़ से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करना एक बड़ी चुनौती होगी।
उन्होंने कहा, “हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा ताकि अगले दो से तीन वर्षों में छात्र और शिक्षक तकनीक के साथ तालमेल बिठा सकें।”
31,000 स्कूलों में अप्रैल 2026 से शुरुआत
अप्रैल 2026 से लगभग 31,000 स्कूलों में पारंपरिक विषयों के साथ AI की मूल अवधारणाएं पढ़ाई जाएंगी।
8 वर्ष की उम्र के बच्चे लैंग्वेज मॉडल्स, चैटबॉट प्रॉम्प्ट्स और जनरेटिव AI जैसे विषय सीखेंगे।
CBSE की मौजूदा पहल और छात्र भागीदारी
वर्तमान में 18,000 CBSE स्कूलों में कक्षा 6 से AI एक स्किल विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है।
यह 15 घंटे का मॉड्यूल है।
- कक्षा IX-X में 7.9 लाख छात्रों ने AI को चुना
- कक्षा XI-XII में 50,000 से अधिक छात्रों ने नामांकन किया
- 2019 में यह संख्या क्रमशः 15,000 और 2,000 थी
शिक्षकों के लिए पायलट प्रोजेक्ट
शिक्षकों को AI टूल्स से पाठ योजना बनाने में मदद देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसमें AI और उभरती तकनीकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश की गई थी।
NITI Aayog की रिपोर्ट और रोजगार पर प्रभाव
घोषणा के साथ ही NITI Aayog की रिपोर्ट सामने आई जिसमें बताया गया कि:
- AI से 20 लाख पारंपरिक नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं
- 8 लाख नई भूमिकाएं और 40 लाख अतिरिक्त नौकरियां संभव हैं
रिपोर्ट में National AI Talent Mission की सिफारिश की गई है ताकि भारत को वैश्विक AI कार्यबल केंद्र बनाया जा सके।
भारत की डिजिटल क्षमता
NITI Aayog के CEO BVR Subrahmanyam ने कहा, “भारत की ताकत उसके लोगों में है।”
देश में 90 लाख टेक्नोलॉजी और कस्टमर एक्सपीरियंस प्रोफेशनल्स</strong हैं।
यह पहल IndiaAI Mission का हिस्सा है, जिसमें ₹10,300 करोड़ से अधिक का अनुमोदित फंड है।
सरकार प्रमुख टेक कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है ताकि शिक्षा क्षेत्र में AI की पहुंच को लोकतांत्रिक बनाया जा सके।
निष्कर्ष
भारत की AI शिक्षा नीति एक रणनीतिक कदम है जो छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगा।
शिक्षकों का प्रशिक्षण, छात्रों की भागीदारी और नीति समर्थन इस परिवर्तन को सफल बना सकते हैं।
इस समाचार को विस्तार से पढ़ सकते है : PIB रिपोर्ट: AI शिक्षा नीति की घोषणा
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