
दिनांक 15 सितंबर 2025 / लेखक : गुलशन मौर्या
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🌏 हिमालयी पड़ोसी देशों के बीच पहली बार सीधा रेल संपर्क स्थापित होने जा रहा है
भारत और भूटान के बीच पहली बार सीधी रेल संपर्क को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। यह ऐतिहासिक परियोजना दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
📍 कोकराझार से गेलफू तक 57 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन को स्वीकृति मिली
रेल लिंक पश्चिम बंगाल के कोकराझार से भूटान के गेलफू तक प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई लगभग 57 किलोमीटर होगी। यह मार्ग भूटान के दक्षिणी हिस्से को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगा।
🤝 ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत भारत ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी
इस परियोजना को भारत सरकार की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत प्राथमिकता दी गई है। भूटान ने भी इस प्रस्ताव को रणनीतिक दृष्टिकोण से स्वीकार किया है।
⚔️ चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली जवाब
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेल संपर्क चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को जवाब देने जैसा है। भूटान ने अब तक चीन की किसी भी परियोजना में भाग नहीं लिया है।
📦 व्यापार, पर्यटन और आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगा नया आयाम
रेल मार्ग से व्यापार, पर्यटन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी। साथ ही आपदा प्रबंधन में भी सहयोग बढ़ेगा।
🏞️ गेलफू शहर भूटान के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, जो भारत से व्यापारिक रूप से जुड़ा है
गेलफू शहर भूटान के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, जो भारत के साथ व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
🛤️ पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को भी मिलेगा लाभ
भारत के लिए यह परियोजना पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगी। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
🔍 चीन की सीमा पर गतिविधियों के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से अहम
इस परियोजना की घोषणा ऐसे समय हुई है जब चीन भूटान सीमा पर गतिविधियाँ बढ़ा रहा है। भारत का यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📜 दोनों देशों की संसदों ने परियोजना को पारस्परिक हितों के तहत स्वीकृति दी
भूटान की संसद और भारत के विदेश मंत्रालय ने इस परियोजना को पारस्परिक हितों के तहत स्वीकृति दी है।
🎭 सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी मिलेगा नया आयाम
रेल संपर्क से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी मजबूत होंगे। यह सहयोग का नया अध्याय है।
🔗 यह परियोजना विश्वास और स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है
भारत-भूटान रेल लिंक केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि विश्वास और स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🚉 भूटान को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा
इस परियोजना के पूरा होने पर भूटान को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा।
🗺️ हिमालयी क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग का प्रतीक बनेगा यह रेल मार्ग
यह रेल मार्ग हिमालयी क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और रणनीतिक संतुलन को दर्शाता है।
📈 भविष्य में साझेदारी और क्षेत्रों में विस्तार की संभावना
भारत और भूटान की यह साझेदारी भविष्य में और भी क्षेत्रों में विस्तार पा सकती है।
🔬 तकनीकी और पर्यावरणीय अध्ययन जल्द शुरू होंगे, निर्माण कार्य 2026 में संभावित
इस परियोजना से जुड़े तकनीकी और पर्यावरणीय अध्ययन जल्द शुरू किए जाएंगे। निर्माण कार्य 2026 में शुरू होने की संभावना है।
💡 निष्कर्ष: भारत-भूटान रेल संपर्क एक रणनीतिक और विकासशील पहल
यह रेल संपर्क दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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भारत-भूटान पहली रेल लिंक को मंजूरी






