उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए क्या बदला?

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📌 GST 2.0 क्या है?
22 सितंबर 2025 से भारत में GST 2.0 लागू हो गया है। यह नया ढांचा पुराने जटिल टैक्स स्लैब को सरल बनाकर उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए राहत लेकर आया है। अब केवल दो मुख्य टैक्स स्लैब रह गए हैं—5% और 18%। इसके अलावा, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं पर 40% ‘सिन टैक्स’ लगाया गया है।
🛒 सस्ती हुई चीजें
- साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, बिस्किट, नमकीन, जूस और घी पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- सैलून, स्पा, जिम और योगा सेवाओं पर अब 18% की जगह 5% टैक्स लगेगा।
- 2500 रुपये तक के रेडीमेड कपड़ों पर अब सिर्फ 5% GST लगेगा।
- स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं पर टैक्स पूरी तरह हटा दिया गया है।
🚫 महंगी हुई चीजें
- तंबाकू, शराब, पान मसाला और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर 40% टैक्स लागू किया गया है।
- 2500 रुपये से अधिक कीमत वाले कपड़ों पर अब 18% GST लगेगा।
- हवाई यात्रा की बिजनेस क्लास पर 18% टैक्स जारी रहेगा।
📈 व्यापारियों के लिए बदलाव
GST 2.0 के तहत अब इन्वेंटरी पर नई दरें लागू होंगी, चाहे वह पुराना स्टॉक हो। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर स्थानीय डिलीवरी पर 18% टैक्स लगेगा। पंजीकृत आपूर्तिकर्ता खुद टैक्स देंगे, जबकि अपंजीकृत होने पर टैक्स की जिम्मेदारी ई-कॉमर्स ऑपरेटर पर होगी।
🌱 अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
सरकार का मानना है कि सरल टैक्स ढांचा अनुपालन को बढ़ाएगा, जिससे राजस्व में दीर्घकालिक वृद्धि होगी। लाफ़र कर्व सिद्धांत</strong के अनुसार, कम टैक्स दरें अधिक आर्थिक गतिविधि को जन्म देती हैं।







