
INDIA’S SEMICONDUCTOR MISSION
17 अक्टूबर को DRDO ने हैदराबाद स्थित DRDL में Emerging Science, Technology & Innovation Conclave (ESTIC-2025) का curtain raiser आयोजित किया। इस कार्यक्रम में भारत की Semiconductor Mission और स्वदेशी तकनीकी उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
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Semiconductor क्षेत्र में DRDO की नई उपलब्धि
DRDO अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने बताया कि संगठन ने 4-इंच Silicon Carbide (SiC) wafers और Gallium Nitride (GaN) HEMTs विकसित किए हैं।
ये ट्रांजिस्टर 150W तक की पावर हैंडल करने में सक्षम हैं। यह तकनीक नवंबर 2024 में पहली बार सामने आई थी।
Semiconductors का रणनीतिक महत्व
डॉ. कामत ने कहा कि Semiconductors आधुनिक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र हैं।
इनका उपयोग स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में होता है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के दौर में यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के लिए अनिवार्य हैं।
भारत का वैश्विक लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
DRDO प्रमुख ने बताया कि भारत का लक्ष्य है कि 2036 तक वह Semiconductor अनुसंधान और नवाचार में शीर्ष तीन देशों में शामिल हो।
वर्तमान में भारत वैश्विक रैंकिंग में 10वें स्थान पर है।
इस क्षेत्र में ताइवान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया अग्रणी हैं।
India Semiconductor Mission की प्रगति
India Semiconductor Mission (ISM) की शुरुआत 2021 में हुई थी।
अब यह दृष्टि से क्रियान्वयन की ओर बढ़ चुका है।
- अगस्त 2025 तक 10 परियोजनाएं स्वीकृत
- कुल निवेश: लगभग $18.23 बिलियन
- प्रोत्साहन राशि: $7.17 बिलियन (97% बजट उपयोग)
स्वदेशी GaN/SiC तकनीक के लाभ
Solid State Physics Laboratory द्वारा विकसित तकनीक से ऊर्जा दक्षता बढ़ती है।
डिवाइस का आकार और वजन घटता है।
यह तकनीक रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सतत ऊर्जा में उपयोगी है।
MMICs और X-band क्षमताएं
इस तकनीक से बने Monolithic Microwave Integrated Circuits (MMICs) की पावर क्षमता 40W तक है।
ये X-band frequencies तक काम करते हैं, जो अगली पीढ़ी की रक्षा और अंतरिक्ष प्रणालियों के लिए आवश्यक हैं।
उत्पादन केंद्र और अनुप्रयोग
Gallium Arsenide Technology Enabling Centre (GAETEC), हैदराबाद में उत्पादन क्षमता स्थापित की गई है।
यह तकनीक अंतरिक्ष, एयरोस्पेस, 5G और सैटेलाइट संचार में उपयोगी है।
ESTIC-2025 का मुख्य आयोजन
मुख्य ESTIC-2025 Conclave 3–5 नवंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
थीम: “विकसित भारत 2047 – सतत नवाचार, तकनीकी प्रगति और सशक्तिकरण”
इसमें 13 मंत्रालय और विभाग शामिल होंगे।
DRDO “Electronics & Semiconductor Manufacturing” पर थीमैटिक सत्र का नेतृत्व करेगा।
निष्कर्ष
DRDO की स्वदेशी तकनीकी उपलब्धियां भारत को Semiconductor क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
ESTIC-2025 जैसे आयोजन भारत की वैज्ञानिक क्षमता और नीतिगत प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर हैं।
📎 Internal Link Suggestion:
India Semiconductor Mission पर हमारा पिछला विश्लेषण पढ़ें
🌐 External Source Suggestion:
DRDO की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी प्राप्त करें







