
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत जल्द ही रूस से तेल खरीद पूरी तरह बंद कर देगा।
Thank you for reading this post. Don't forget to subscribe!
इस बयान ने भारत की ऊर्जा नीति और विदेश संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ट्रंप का दावा और वीडियो में भ्रम
ट्रंप ने एक व्हाइट हाउस कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें रूस से तेल खरीद बंद करने का वादा किया है।
उन्होंने इसे मास्को को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
वीडियो में दिखा भ्रम
एक वीडियो में ट्रंप ईरान और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने की बात करते हुए भ्रमित हो जाते हैं।
उनके सहयोगी उन्हें सुधारते हैं कि वह भारत के बारे में बात कर रहे हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने इस दावे पर कोई सीधा खंडन नहीं किया।
बयान में कहा गया कि भारत तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा आयातक है।
भारत की आयात नीति स्थिर ऊर्जा कीमतों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्देशित होती है।
अमेरिका से ऊर्जा खरीद
मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिका से ऊर्जा खरीद का विस्तार कर रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
- राहुल गांधी ने सरकार पर ट्रंप के सामने चुप रहने का आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस समय ट्रंप से भयभीत हैं।
तेल खरीद के आंकड़े
सितंबर में भारत की रूस से तेल खरीद घटकर 6 लाख बैरल प्रति दिन रह गई थी।
कुछ महीने पहले यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रति दिन था।
हालांकि अक्टूबर में खरीद फिर से बढ़ रही है।
भारत का मानना है कि यह प्रक्रिया लाभ आधारित है।
भविष्य की संभावनाएं और सवाल
ट्रंप के वीडियो ने यह सवाल उठाया है कि क्या भारत सच में रूस से तेल खरीद बंद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अमेरिका के ईरान और वेनेजुएला पर प्रतिबंध के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष
ट्रंप का दावा भारत की ऊर्जा नीति और विदेश संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
हालांकि भारत सरकार ने कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की है, लेकिन बयान से संकेत मिलता है कि भारत लाभ और स्थिरता को प्राथमिकता देता है।
इस समाचार को और विस्तार से पढ़ सकते है ।






